सदियो में एक घटना ऐसी घटी,जन्म लिया एक महानायक ने और बात आगे बढ़ी।
माता पिता ने नाम दिया सचिन तेंदुलकर,
जिसके बल्ले ने उत्साहित कर दिया हर एक घर।
जिसके खेल से दुनिया ने उसे परखा,
भारत का वो रत्न फिर ऐसे चमका।
बढ़ता ही गया वो अपना कद संभाले ,
जिसने बड़े बड़े कीर्तिमान बना डाले।
शतको के शतक लगाकर भारत को नया मुकाम दिलाया,
टेस्ट, वन डे और ट्वेंटी ट्वेंटी में अपने बल्ले को खूब चलाया।
मैदान में खड़ा होता तो जैसे रनो की बारिश होती,
जो कभी न खेल पाता तो जनता उदास होती।
शालीनता की जैसे वो हो मिसाल ,
खेल का दायरा कर दिया जिसने विशाल।
क्रिकेट का भगवान लोग उसे हैं कहते,
पूजा करते हैं प्रशंसक उनकी वे नहीं हैं थकते।
लकिन आ ही गया वो क्षण जीवन में,
ले लिया संन्यास इस महान खिलाडी ने रण से।
प्रशंसको ने दी बड़े भारी मन से विदाई,
सचिन के खेल सफ़र ने भारत की गरिमा बढ़ाई ।
नाम उनका क्रिकेट के इतिहास में रहेगा ,
सचिन हमेशा भारत कि शान रहेगा ।
इस युग में क्या फिर ऐसा खिलाडी जन्मेगा,
जो भारत रत्न बनकर दुनिया में चमकेगा।
very nice.. keep it up..:)
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